उदयपुर। उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 श्रृंखला में “अमूल की व्यावसायिक यात्रा” के बारे में पहल और अनुभव विषय पर एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अमित व्यास, प्रबंध निदेशक, अमूल डेयरी, गुजरात थे।
डॉ. व्यास ने अपनी पेशेवर यात्रा से बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की और अमूल की प्रेरक विकास गाथा के साथ-साथ किसानों को सशक्त बनाने और देशव्यापी विश्वास बनाने में सहकारी मॉडल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने अमूल की प्रमुख पहलों, इसकी सफलता की रणनीतियों और इस बात पर भी चर्चा की कि किस प्रकार सहकारी दृष्टिकोण भारत में विभिन्न उद्योगों के लिए एक मानक बन गया है।
डॉ. अमित व्यास ने बताया कि कैसे अमूल पारदर्शिता, विश्वास और तेज़ निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल दूध मीटर, स्वचालित लॉजिस्टिक्स और डिजिटल स्लिप जैसी डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करता है। अमूल दूध की आपूर्ति पर नजऱ रखने, गुणवत्ता बनाए रखने और गोदाम एवं इन्वेंट्री प्रबंधन को मज़बूत करने के लिए आरएफआईडी-आधारित प्रणालियों का उपयोग करता है। अमूल दुनिया के सबसे विश्वसनीय खाद्य ब्रांडों में से एक है, जो मूल्यवर्धित उत्पादों के साथ निरंतर गुणवत्ता और विश्वसनीय सेवा पर आधारित है। अमूल नियमित रूप से स्वच्छ, उच्च-गुणवत्ता वाले और किफ़ायती डेयरी उत्पाद प्रदान करने के लिए उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं का विश्लेषण करता है। उन्होंने उद्योगों को उत्पाद मूल्य और पता लगाने की क्षमता बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड, डिजिटल उपकरण और रीयल-टाइम निगरानी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
अमूल नवाचार को बढ़ावा देने और उत्पाद उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए खाद्य प्रौद्योगिकीविदों, पैकेजिंग विशेषज्ञों और डेयरी विशेषज्ञों के साथ सहयोग करता है। अमूल बिल भुगतान, दस्तावेज़ जमा करने और निविदा प्रक्रियाओं के लिए वेब-आधारित पोर्टल का उपयोग करता है, जिससे विक्रेताओं और सोसाइटियों के लिए संचालन कुशल हो जाता है।
यूसीसीआई अध्यक्ष ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि उद्यमी और व्यावसायिक नेता दृढ़ दृष्टि, नवाचार, टीम वर्क और अनुशासित नेतृत्व के माध्यम से दीर्घकालिक सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यूसीसीआई के मानद सचिव आशीष छाबड़ा ने मुख्य अतिथि का संक्षिप्त परिचय दिया।
इस अवसर पर पुनीत तलेसरा, ऋषभ वर्डिया, हसीना चक्कीवाला के प्रश्नों के उत्तर दिए और इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। सत्र में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।







