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विश्वविख्यात शिल्पग्राम उत्सव 21 दिसंबर से

👉 राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे करेंगे उद्घाटन
👤 Mewar Express News
December 19, 2025

उदयपुर। उदयपुर में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित शिल्पग्राम उत्सव 2025 का शुभारंभ 21 दिसंबर को होगा। उद्घाटन राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे करेंगे, जबकि संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समारोह की अध्यक्षता करेंगे। पहले दिन दोपहर 3 बजे से प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

केंद्र निदेशक फुरकान खान एवं प्रशासक दुर्गेश चांदवानी ने बताया कि उत्सव में देश के 22 राज्यों के 82 लोक कला दल भाग लेंगे। लगभग 900 कलाकार दस दिनों तक लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां देंगे। शिल्पग्राम में 93 शिल्पकारों द्वारा विभिन्न हस्तशिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे तथा चार फूड जोन में अलग-अलग राज्यों के व्यंजन उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार गुजरात के डॉ. निरंजन बलरामजी राज्यगुरु और जयपुर के रामनाथ चौधरी को प्रदान किया जाएगा।

एक साल से प्रतीक्षित लोककलाओं के महोत्सव शिल्पग्राम उत्सव की शुरुआत 21 दिसंबर (शनिवार) को होगी। राज्यपाल राजस्थान और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के अध्यक्ष श्री हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथि रहेंगे।

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलतार सिंह संधवां, गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, गुजरात के शिक्षा मंत्री श्री प्रफुल्ल पंजारापोल, गुजरात के सांसद श्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान सांसद श्री अर्जुन राम मेघवाल, उदयपुर सांसद डॉ. मनसुख मांडविया, राजस्थान के विधायक श्री ताराचंद जैन एवं ग्रामीण विधायक श्री फूल सिंह मीणा शामिल होंगे।

मुख्यतः लोक कलाओं की प्रस्तुति के लिए जाने-माने इस उत्सव में देश भर की उत्कृष्ट लोक कलाओं का प्रदर्शन होगा। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि उदयपुर का शिल्पग्राम उत्सव देश का एकमात्र ऐसा उत्सव है, जिसमें लोक कलाओं की आधारित प्रस्तुतियों के साथ दर्शक इन्हें समझते हैं।

प्रथम दिवस दोपहर 3 बजे से प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

लोक कला पुरस्कार

इस बार लोक कलाकारों को डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार गुजरात के डॉ. निरंजन बलरामजी राज्यगुरु और जयपुर (राजस्थान) के श्री रामनाथ चौधरी को प्रदान किया जाएगा।

इस पुरस्कार की राशि 2.51 लाख रुपये की होगी। यह पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का पहला ऐसा सम्मान है।

22 राज्यों की लोक कलाओं की सहभागिता

इस उत्सव में करीब 22 राज्यों (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, असम, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मणिपुर, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश आदि) की लोक कलाएं प्रस्तुत की जाएंगी।

करीब 82 लोक कला दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

शिल्प और शिल्पकार

इस बार शिल्पग्राम में 93 शिल्पकार भाग लेंगे। लकड़ी, लोहे, मिट्टी, टेराकोटा, कपड़ा, पेंटिंग, गहने, वाद्य यंत्र, कढ़ाई, बांस कला, चमड़ा कला आदि के शिल्प प्रदर्शित होंगे।

पारंपरिक संग्रहालय

12 पारंपरिक घरों में विशेष संग्रहालय बनाए गए हैं, जिनमें पुराना कैमरा, टेलीफोन, ग्राम्य जीवन की वस्तुएं, पुराने औजार, हस्तलिखित पुस्तकें और लोक जीवन से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।

मेले में चार फूड जोन

देश के विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए चार फूड जोन बनाए गए हैं, जहां लगभग 12 राज्यों के फूड स्टॉल लगाए गए हैं।

लाइव कारीगरी प्रदर्शन

कारीगरों द्वारा मौके पर ही कारीगरी की लाइव प्रक्रिया दिखाई जाएगी, जिसमें बुनाई, कढ़ाई, लकड़ी व लोहे का कार्य, मिट्टी के बर्तन आदि शामिल हैं।

युवाओं की भागीदारी

22 से 29 दिसंबर तक युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें क्विज, पोस्टर प्रतियोगिता और मंचीय प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी।

कार्यशालाएं

शिल्पग्राम उत्सव के दौरान दस दिवसीय ट्राइबल मार्केट, फोटोग्राफी और पपेट्री कार्यशालाएं आयोजित होंगी।

भारत विजन 2047

21 से 25 दिसंबर तक भारत विजन 2047 थीम पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी।

प्रस्तुतियां राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों की लोक नृत्य, लोक संगीत और नाट्य प्रस्तुतियां होंगी।

दस दिनों में लगभग 900 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

शिल्पग्राम क्षेत्र उत्सव में लगभग 400 क्राफ्ट स्टॉल लगेंगे, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों के शिल्प उत्पाद उपलब्ध होंगे।

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