उदयपुर। 1936 से स्थापित सोशियल और स्प्रिचुअल संस्थान प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मोती मगरी स्कीम सेवाकेंद्र में उदयपुर की स्थापना को 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले स्वर्ण जयंती समारोह को लेकर उदयपुर सेवा केंद्र की संचालिका बीके रीटा दीदी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया, उन्होंने बताया कि उदयपुर में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विगत 50 वर्षों से की जा रही आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती समारोह 21 दिसंबर को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया जाएगा। दीदी ने बताया कि इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। समारोह में राजस्थान की विभिन्न जिलों से पधार रही वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दीदियों का अभिनंदन किया जाएगा। साथ ही एक ब्रह्माकुमारी बहन का अलौकिक समर्पण समारोह भी संपन्न होगा। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय माउंट आबू से अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता राजयोगिनी बीके शीलू दीदी मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगी। वहीं जयपुर से राजस्थान उप क्षेत्रीय निर्देशिका बीके पूनम दीदी उदयपुर सेवाकेंद्र के 50 वर्षों के सेवायात्रा का विवरण प्रस्तुत करेंगी। माउंट आबू से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता दीदी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। वहीं ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यकारी सचिव वरिष्ठ राजयोगी बीके मृत्युंजय भाई भी उपस्थित रहेंगे।
विश्व शांति के लिए विशेष सामूहिक राजयोग
बीके रीटा दीदी ने बताया कि 21 दिसंबर को विश्व शांति के लिए विशेष सामूहिक राजयोग आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे शाम 4 से 4:30 बजे तक, जहां भी हों घर, कार्यालय या बाजार 30 मिनट का समय निकालकर राजयोग के माध्यम से अथवा प्रार्थना से रूस यूक्रेन युद्ध अंत हेतु पूरे विश्व में शांति के प्रकंपन फैलाने में आहुति दें।
प्रेस वार्ता के दौरान बीके रीमा दीदी ने उपस्थित मीडियाकर्मियों को राजयोग का अभ्यास भी कराया। इस अवसर पर मोती मगरी स्कीम समिति के नरेंद्र खाब्या ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सभी को नियमित राजयोग करने का आह्वान किया। पूरी दुनिया में 5500 सेंटर्स संचालित है।








