उदयपुर। शायराना उदयपुर परिवार द्वारा ऐश्वर्या कॉलेज प्रांगण में संभाग स्तरीय साहित्य समारोह आयोजित किया गया। पिछले 15 वर्षों से संगीत और साहित्य की सेवा कर रहे इस परिवार के कार्यक्रम में वन विभाग के पूर्व वन संरक्षक आर के जैन मुख्य अतिथि थे, जबकि आभा सिरसीकर और सी पी जैन विशिष्ट अतिथि रहे और अध्यक्षता गीतांकर मेवाड़ी ने की। समारोह में डूंगरपुर, राजसमन्द, भीलवाड़ा, चित्तौड़, कोटा, उदयपुर, कांकरोली, प्रतापगढ़ और खेरवाड़ा सहित कई जिलों के साहित्य प्रेमियों ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम को उत्साह से भर दिया।
समारोह में 40 से अधिक कवियों ने कविता, गजल, गीत और शायरी के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम प्रभारी आभा सिरसीकर ने संचालन करते हुए वीर रस और श्रृंगार रस के छंदों व मुक्तकों से समां बांधा। चित्तौड़गढ़ के शायर गुलज़ार चित्तौड़ गढ़ी और डूंगरपुर के रियाज़ खान ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिससे पूरा सभागार झूम उठा। वहीं अध्यक्ष गीतांकर मेवाड़ी ने दोस्ती के रिश्ते पर अपनी विशेष रचना पेश कर कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।
पारिवारिक रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर भी कवियों ने गहरी दृष्टि डाली। विशिष्ट अतिथि सी पी जैन चंद्रेश और ग्राम विकास अधिकारी मनीष चौबीसा ने मां पर भावुक कविताएं सुनाईं, जिन्होंने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम समन्वयक ललित गोयल ने आगामी दिनों में लिट्रेचर फेस्टिवल आयोजित करने की घोषणा की, ताकि युवाओं को साहित्य से जुड़ने का मंच मिल सके। मुख्य अतिथि आर के जैन ने भी अपनी रचना सुनाकर नवोदित कवियों को साहित्य के जरिए समाज परिवर्तन का संदेश दिया।
समारोह के अंत में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों और अधिकारियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं की प्रस्तुति दी। इनमें मुकेश परवाना, निलेश यादव, हुकुम जोशी, ज्योत्सना झाला, आर पी जीनगर, शमिल शेख, महावीर जावलियां, शाहिद हुसैन शैदा, शकील अलाऊद्दीन जयपुरी, निशित चापलोत, ललित गोयल, मंजूर हुसैन, लोकेश वैष्णव, सोहन लाल लोहार निपुण, विनोद कुमार राठौड़ और भरत कुमार मीणा शामिल थे। खेरवाड़ा के शिक्षाविद् भरत कुमार मीणा को उनकी प्रभावशाली लेखन शैली और साहित्यिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अंत में ललित गोयल ने सभी का आभार व्यक्त किया।







