उदयपुर। पारस हेल्थ और जैन सोशल ग्रुप अर्हम द्वारा एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जहाँ विशेषज्ञों ने बीमारियों के शुरुआती बचाव और आधुनिक इलाज पर चर्चा की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और डॉक्टरों के बीच की दूरी को कम करना था, ताकि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर सही समय पर सही फैसले ले सकें। पारस हेल्थ का प्रयास है कि लोग केवल बीमारी के समय ही अस्पताल न आएं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों को रोकने की आदत डालें।
कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी और डायरेक्टर डॉ अमित खंडेलवाल ने बताया कि भारत में हृदय रोग अब पश्चिमी देशों के मुकाबले 10 साल पहले ही लोगों को शिकार बना रहे हैं। आजकल 30 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में दिल की बीमारियाँ बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने सलाह दी कि नियमित जाँच, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रखकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। वहीं, आर्थोपेडिक्स के सीनियर कंसल्टेंट डॉ आशीष सिंघल ने बताया कि रोबोटिक तकनीक ने जोड़ों के ऑपरेशन को बहुत सटीक और आसान बना दिया है। उन्होंने जोर दिया कि मरीज जोड़ों के दर्द के इलाज में देरी न करें, क्योंकि सही समय पर इलाज से जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।
इस सत्र में लोगों ने डॉक्टरों से सीधे सवाल पूछे और क्रोनिक बीमारियों के प्रबंधन के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम को सफल बनाने में टीम के अध्यक्ष ओमप्रकाश पोरवाल, संस्थापक अध्यक्ष आलोक पगारिया और सचिव विनोद चंडालिया का विशेष सहयोग रहा।







