उदयपुर। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा “दक्षिणी राजस्थान में उद्योग एवं पर्यटन की संभावनाएं” विषय पर एक परिचर्चात्मक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी उपस्थित रहीं तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वराज सिंह मेवाड़, विधायक नाथद्वारा शामिल हुए।
कार्यक्रम में सांसद राजसमंद महिमा कुमारी, विधायक उदयपुर (ग्रामीण) फूलसिंह मीणा, डूंगरपुर जिला प्रमुख बंसीलाल कटारा, भाजपा उदयपुर अध्यक्ष गजपाल सिंह, उदयपुर ग्रामीण अध्यक्ष पुष्कर कुमार, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक शैलेन्द्र शर्मा, रीको के वरिष्ठ उप-महाप्रबन्धक अजय पंड्या सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार एवं पर्यटन क्षेत्र से लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
यूसीसीआई अध्यक्ष ने स्वागत उद्बोधन में यूसीसीआई की 61 वर्षों की यात्रा, क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका एवं लगभग ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया। उन्होंने दक्षिणी राजस्थान को अपार संभावनाओं का क्षेत्र बताते हुए औद्योगिक आधारभूत संरचना, क्लस्टर विकास (विशेषकर मार्बल क्लस्टर), पर्यटन एवं वन विभाग के संयुक्त विकास, डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट की स्वीकृति, आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, एमएसएमई सब्सिडी के शीघ्र भुगतान, बेहतर कनेक्टिविटी, होम स्टे नीति में आ रही समस्याओं के समाधान, राइजिंग राजस्थान के लंबित एमओयू तथा आईसीडी खेेमली में संसाधनों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे सरकार के समक्ष रखे। उन्होंने यूसीसीआई द्वारा हेजार्डस वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी एवं वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी भी दी।
विशिष्ट अतिथि विश्वराज सिंह मेवाड़ ने मेवाड़ी भाषा में संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन के संतुलित विकास पर जोर दिया। उन्होंने उदयपुर के बदलते पर्यावरण पर चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण की आवश्यकता बताई। साथ ही नाथद्वारा में अव्यवस्थित विकास, यातायात एवं पार्किंग समस्याओं पर ध्यान दिलाया तथा चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं वहां बेहतर ठहराव सुविधाओं के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य अतिथि दिया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं राज्य की डबल इंजन सरकार जनहित में कार्य कर रही है तथा राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत हुए एमओयू में से बड़ी संख्या में क्रियान्वयन हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का कार्य व्यवसाय करना नहीं, बल्कि उद्योगों को सुगम वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने यूसीसीआई द्वारा दिए गए सुझावों को मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने उदयपुर में ट्रैवल मार्ट के आयोजन की पुष्टि करते हुए पर्यटन को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की आवश्यकता बताई तथा ओवर-टूरिज्म के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने होम स्टे को पर्यटन बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बताया तथा महाराणा प्रताप सर्किट एवं ट्राइबल सर्किट के विकास की जानकारी दी।
कार्यक्रम में यूसीसीआई के संरक्षक बी.एच. बापना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्दीप बापना, उपाध्यक्ष महेन्द्रसिंह खिमेसरा, पूर्व अध्यक्ष कोमल कोठारी, वीरेन्द्र सिरोया, हंसराज चौधरी, रमेश सिंघवी, एम.एल. लूणावत एवं सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न उद्योग एवं व्यापार की एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने माननीया उप-मुख्यमंत्री महोदया को प्रतिवेदन प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम का संचालन मानद कोषाध्यक्ष हसीना चक्कीवाला द्वारा किया गया तथा अंत में मानद महासचिव आशीष छाबड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।







