उदयपुर। पारस हेल्थ ने स्ट्रोक मरीजों के लिए एक विशेष स्ट्रोक क्लीनिक की शुरुआत की है। इस क्लीनिक का उद्देश्य दक्षिण राजस्थान और आसपास के मरीजों को समय पर स्ट्रोक की पहचान, त्वरित इलाज और बेहतर रिकवरी की सुविधा देना है। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान न्यूरोसाइंसेस टीम और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया कि स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण पहचानना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि शुरुआती “गोल्डन विंडो” में सही इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है और लंबे समय की विकलांगता से बचाव संभव है।
न्यूरोसाइंसेस टीम के डॉक्टरों ने B.E.F.A.S.T. टूल की मदद से स्ट्रोक की पहचान पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में हर साल करोड़ों लोग स्ट्रोक की चपेट में आते हैं, जबकि भारत में ही लगभग 1 करोड़ केस सामने आते हैं। स्ट्रोक की पहचान में देरी कई बार जीवन को खतरे में डाल देती है। इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुँचना अहम है, ताकि मरीज को एडवांस्ड इलाज मिल सके।
पारस हेल्थ उदयपुर का नया स्ट्रोक क्लीनिक न सिर्फ इमरजेंसी रिस्पॉन्स और ब्रेन स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा, बल्कि मरीजों को फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और लॉन्ग-टर्म केयर जैसी सेवाएँ भी मिलेंगी
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