तप सम्राट केशुलाल जी महाराज के जीवन से प्रेरित भक्त राजेश सामर की कविता “केशव-स्तुति” में बताया गया है कि गुरु केशव को सच्चा सम्मान तभी मिलेगा जब हम अच्छे विचार, अच्छे कर्म और सेवा की भावना व्यवहार में अपनाएंगे। केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड ही नहीं, हमें जरूरतमंदों की मदद, तप और त्याग को भी अपनाना चाहिए।








