मीना बापना
उदयपुर। मार्बल उद्योग से जुड़े व्यापारी इन दिनों अपने आपको ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा रॉयल्टी की दर कम करने की घोषणा के 12 दिन बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से मार्बल व्यापारीयों में भारी आक्रोश है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा रॉयल्टी की दरों में अनावश्यक बढ़ोतरी कर दी गई थी जिसके फलस्वरुप सभी मार्बल व्यापारियों ने विरोध किया था। व्यापारिक संगठन सडकों पर उतर गए थे। भूख हड़ताल से लेकर 25 दिनों तक खदानों से लदान बंद करने तक, व्यापारियों ने ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन किया। अंततोगत्वा राजस्थान के सभी मार्बल व्यापारियों के संघठनो के साथ एक संयुक्त बैठक मुख्यमंत्री एवं प्रमुख खान सचिव टी. रविकांत व विधायक की उपस्थिति में की गई थी। दबाव में आकर सरकार ने 90 रुपए प्रति टन बढ़ोतरी में से केवल 45 रुपए कम कर राहत देने का वादा किया। 22 अगस्त को विधायकों की मौजूदगी में यह आश्वासन दिया गया था कि दो दिन में नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
मार्बल व्यापारियों का कहना है की सरकार जब कभी भी दरें बढ़ाती है तो उसी रात 12 बजकर एक मिनिट से ही लागू कर दी जाती है, और कम करने की घोषणा के 12 दिन बाद भी इंतज़ार – इंतज़ार और पुनः कुछ कदम उठाने तक की नौबत क्यों आ रही है।
मुख्यमंत्री ने निवेदन स्वीकार करते हुए 90 रुपये बढाई गई रॉयल्टी में से 45 रुपये कम करने का आश्वासन दिया था। उसी समय सभी व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन से हड़ताल ख़त्म करने की घोषणा कर दी एवं सभी पुनः काम पर लौट गए। परन्तु इतने दिन होने के बाद भी रॉयल्टी कम करने का गजट नोटिफिकेशन नहीं निकलने के कारण सभी व्यापारी भ्रम में हैं।
मार्बल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुनः मुख्यमंत्री एवं प्रमुख खान सचिव टी. रविकांत को पत्र लिखकर निवेदन किया हैं की जल्दी ही उनकी सुनवाई नहीं की जाती हैं तो उन्हें पुनः विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा।
इनका कहना है:
सरकार द्वारा की गई अचानक रॉयल्टी वृद्धि ने व्यापारियों को गहरे संकट में डाल दिया था। हमने पत्र लिखकर पुनः निवेदन किया हैं, जल्दी ही नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू होगा।
पंकज गांगावत
अध्यक्ष, उदयपुर मार्बल एसोसिएशन, उदयपुर
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मार्बल व्यापारी मजबूरी में बढ़ी हुई दर से ही रॉयल्टी चुकाकर खदानों से माल ला रहे है। यह उनके साथ सीधा कुठाराघात है। सरकार ने इसी तरह खंडा व्यापारी-जो मार्बल उद्योग के वेस्ट को बेस्ट बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, उन्हें भी कमेटी बनाकर रॉयल्टी दरें संशोधित करने का आश्वासन दिया था। लेकिन उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी है। इसी तरह कृषि मंडी व्यापारीयों को भी आश्वासन दिया, वे भी परेशान है।
गोविंद सनाढ्य
अध्यक्ष मार्बल ट्रेडर्स एसोसिएशन, राजसमंद
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स्टोन इंडस्ट्री राजस्थान की अर्थव्यवस्था का आधार स्तम्भ है, प्रदेश सरकार को त्वरित कदम उठाकर सभी उद्यमियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
पूनम पटेल, मार्बल उद्यमी, उदयपुर







