उदयपुर। गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज (गिट्स) में ‘इनोवेशन, डिजाइन और एंटरप्रन्योरशिप’ (IDE) बूट कैंप-2026 के तीसरे चरण की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल, अखिल भारतीय शिक्षा परिषद (AICTE) और स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है। भारत के 6 राज्यों के 8 केंद्रों पर एक साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम के लिए राजस्थान में गिट्स को नोडल सेंटर चुना गया है। 7 से 9 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस कैंप का ऑनलाइन उद्घाटन AICTE के वाइस चेयरमैन और चीफ इनोवेशन ऑफिसर अभय जेरे ने किया। इस दौरान संस्थान के निदेशक एस.एम. प्रसन्ना कुमार सहित AICTE और शिक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय इस बूट कैंप का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को डिजाइन थिंकिंग और उद्यमिता के कौशल से लैस करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यालय स्तर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल की जा रही है। कैंप में पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को मकरंद रमेश वेलेनकर और एच टी पाटिल तकनीकी प्रशिक्षण देंगे। पूरे कार्यक्रम का समन्वय आशीष त्रिपाठी द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह को ननिहाल सिंह चौहान और मुरलीधर चौबीसा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम संयोजक चिंतल पटेल ने बताया कि इस कैंप में राजस्थान के विभिन्न स्कूलों से लगभग 190 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिभागियों को भविष्य के व्यावसायिक परिदृश्य के लिए तैयार करने हेतु वेद शुक्ला और कमलेश पालीवाल जैसे विशेषज्ञ भी शामिल हुए। एमबीए निदेशक पी के जैन और वित्त नियंत्रक बी.एल. जांगिड ने कहा कि इस आयोजन से शिक्षकों और छात्रों की रचनात्मकता बढ़ेगी, जिससे वे वास्तविक समस्याओं के समाधान खोज पाएंगे। यह बूट कैंप न केवल गिट्स बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है, जो देश में नवाचार की नई संभावनाओं को जन्म देगा।







