उदयपुर। पारस हेल्थ ने एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक केयर के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए ‘रिवीजन टोटल नी रिप्लेसमेंट’ (रिवीजन TKR) की सुविधा शुरू की है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है जिनकी पहली घुटने की सर्जरी किसी कारणवश (जैसे संक्रमण, इम्प्लांट का ढीला होना या चोट) फेल हो गई थी। अब स्थानीय स्तर पर इस जटिल इलाज की उपलब्धता से उदयपुर और आसपास के मरीजों को दिल्ली या मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. आशीष सिंघल ने बताया कि रिवीजन सर्जरी पहली सर्जरी की तुलना में काफी जटिल होती है क्योंकि इसमें हड्डी के नुकसान और स्कार टिश्यू जैसी चुनौतियां शामिल होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोबोटिक तकनीक और 3D प्लानिंग की मदद से अब इन जटिल मामलों को भी पूरी सटीकता के साथ ठीक किया जा सकता है। उन्होंने मरीजों को सलाह दी कि यदि घुटने के रिप्लेसमेंट के बाद दर्द, सूजन या अस्थिरता महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर जांच से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. प्रसून कुमार ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को उनके घर के पास ही विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।







