डी.एस.पालीवाल
उदयपुर। युद्ध मूलतः मानवता विरोधी व पर्यावरण विरोधी होता है। ये विचार नागरिक तथा जन संगठनों के साझा मंच द्वारा हिरोशिमा दिवस पर आयोजित रैली के बाद जिला कलेक्ट्री के बाहर संपन्न आमसभा में उभर कर आए।
युद्धरत देशों की सैना में मजदूर, किसानों और कमजोर वर्ग के बेटों को ही मरना पड़ता है तथा ऐसे देशों के बीच बढ़ती हथियारों की होड़ से सैना के लिए बजट भार बढ़ता है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च में कटौती की जाती है जिसका सीधा असर आम मेहनतकश जनता पर पड़ता है।
आयोजित सभा में मंच के संयोजक मन्नाराम डांगी ने फिलिस्तीन की जनता के नरसंहार को तुरंत रोकने, उनके लिए राहत पहुंचाने तथा सभी युद्धों का शांतिपूर्ण समाधान करने की मांग करते हुए अमेरिकी महा शक्ति को समस्त युद्ध के लिए मुख्य जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि रैली का उद्देश्य विश्व में युद्ध तथा युद्धोन्माद का विरोध करने वाली मानवतावादी व प्रतिरोधी शक्तियों से एकजुटता स्थापित करना तथा निश्चित समय में परमाणु हथियारों को समाप्त करने और पांच परमाणु संपन्न राष्ट्रों का वीटो पावर समाप्त करने की मांग करना है।
सभा में ऐपवा की फरहत बानो ने गाजा के बच्चों व महिलाओं के नरसंहार को मानवता विरोधी कृत्य बताया।
सभा में विश्व मानव कल्याण संघ के राष्ट्रीय संयोजक रामदयाल मीणा ने हिरोशिमा व नागासाकी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परमाणु हथियारों के खतरों से आगाह किया व निशस्त्रीकरण की आवश्यकता बताई।
सभा में एक्टू के सौरभ नरूका ने संसाधनों की लूट के लिए साम्राज्यवादी कॉरपोरेट पूंजी के आपसी अंतरविरोध को युद्ध का मुख्य कारण बताया।
सभा में जनवादी मजदूर यूनियन के जयंतीलाल मीणा ने बताया कि फिलीस्तीन की जमीन पर कब्जा करने वाला इसराइल और अमेरिकी शासक मिले हुए हैं तथा उनका मकसद मध्य एशिया के पेट्रोलियम व खनिज संपदा पर कब्जा जमा कर दुनिया पर थानेदारी करना है।
सभा में भाकपा के हिम्मत चांगवाल ने सभी देशों के शासको को साम्राज्यवाद व कारपोरेट पूंजी के गुलाम बताया तथा देश के शासको के ढुलमुल रुख की आलोचना करते हुए सभी प्रकार के इसराइल व अमेरिका विरोधी प्रतिरोध का समर्थन किया।
सभा में वरिष्ठ पत्रकार हिम्मत सेठ ने विश्व के मुख्य धारा के मीडिया को साम्राज्यवाद परस्त तथा युद्धखौर शासको का समर्थक बताया तथा कहा कि देश का मीडिया भी सही खबरें छुपाता है।
सभा में एडवोकेट मोहम्मद शरीफ छिपा, भगवती मीणा, एडवोकेट सिद्धकी, रामचंद्र सालवी, कुसुम मेघवाल, प्यारा भाई आदि ने विचार व्यक्त किये तथा मुस्ताक चंचल ने युद्ध विरोधी कविता सुनाई।
सभा का संचालन डी.एस. पालीवाल ने किया तथा धन्यवाद की रस्म गुलाब नूर पठान ने अदा की।
हिरोशिमा दिवस की रैली :
हिरोशिमा परमाणु विभीषिका की याद में नगर के नागरिकों, जन संगठनों और बुद्धिजीवियों ने विश्व शांति, पर्यावरण सुरक्षा तथा न्याय पूर्ण व्यवस्था के लिए शहीद स्मारक टाउन हॉल से एक रैली का आयोजन किया जिसमें आगे आगे महिलाएं ‘युद्ध नहीं स्थाई शांति चाहिए, विनाश नहीं जन विकास चाहिए’ तथा ‘फिलिस्तीनी जनता का नरसंहार तत्काल बंद करो, गाज के लोगों को पूरी मात्रा में राहत पहुंचाओ’ विषयक बैनर लेकर चल रही थी। रैली में ‘रोको रोको युद्ध रोको’, नरसंहार करने वाले अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद, हथियारों के सौदागर मुर्दाबाद आदि नारे लगाते हुए दो-दो की कतार में चल रहे थे। जुलूस में सेवा मंदिर के अजय एस. मेहता, पर्यावरणवादी नंदकिशोर शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर कटियार, भाकपा (माले) के शंकर लाल चौधरी, एडवोकेट सुभाष श्रीमाली, हेमेंद्र चंडालिया, जनवादी मजदूर यूनियन के डी.सी. मेघवाल आदि भागीदारी कर रहे थे। रैली में सभी ने रूस-यूक्रेन युद्ध बंद करो, हथियारों की होड बंद करो, तत्काल युद्ध विराम करो आदि तख्क्तियां लेकर चल रहे थे।
मानवता और विश्व शांति के उद्देश्य निकाल गई रैली टाउन हॉल से रवाना होकर सूरजपोल, बापू बाजार, दिल्ली गेट होते हुए कलेक्ट्री के बाहर जाकर जोरदार नारेबाजी के बाद आम सभा में परिवर्तित होकर पूर्ण हुई।








