उदयपुर। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा “केंद्रीय बजट का विश्लेषण” विषय पर एक इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया जिसमें की-नोट स्पीकर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि भारत का समग्र विकास टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से ही संभव है, जिसके लिए सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि भविष्य में वही देश सशक्त होंगे जिनके पास अपना मौलिक ए.आई. मॉडल होगा, इसी दिशा में सरकार विशेष कदम उठा रही है।
उद्घाटन सत्र में यूसीसीआई के अध्यक्ष ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि केंद्रीय बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा, औद्योगिक प्राथमिकताओं, रोजगार सृजन, निवेश वातावरण तथा व्यापारिक विश्वास को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण नीति दस्तावेज होता है।।
कार्यक्रम का समन्वय मानद महासचिव आशीष छाबड़ा ने विषय विशेषज्ञ प्रो. गौरव वल्लभ का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि प्रत्येक आर्थिक दस्तावेज की एक पृष्ठभूमि होती है। वर्तमान में देश के समक्ष तीन प्रमुख चुनौतियाँ हैं – नई भू-राजनीतिक गठबंधनों का उभरना एवं पुराने गठबंधनों का टूटना, विश्व में सात सक्रिय युद्धों के कारण आर्थिक अस्थिरता एवं विनाश, तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण हो रहे बड़े स्तर के व्यवधान। उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव एवं अस्थिरता के कारण निजी निवेश लगभग शून्य हो गया है। ए.आई. के संदर्भ में उन्होंने यह प्रश्न भी उठाया कि क्या भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जीव विज्ञान, भौतिकी या रसायन विज्ञान में अनुसंधान अथवा नोबेल पुरस्कार स्तर के कार्य कर सकेगा।
प्रो. वल्लभ ने कहा कि यह बजट भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया एक विजन डॉक्यूमेंट है, जो देश के भविष्य की दिशा दर्शाता है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन संभव है, इसी कारण सरकार ने इस क्षेत्र के सेक्टर्स को वरीयता देते हुए 60,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
एमएसएमई सेक्टर के लिए इक्विटी सपोर्ट के तहत एमएसएमई को प्रत्यक्ष सहायता हेतु 12,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। लिक्विडिटी सपोर्ट के तहत ट्रेड एक्स की स्थापना। कॉरपोरेट मित्र की स्थापना के तहत माइक्रो सेक्टर तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
प्रश्नोत्तर सत्र में पूर्व संरक्षक अरविंद सिंघल, पूर्व अध्यक्ष कोमल कोठारी, पूर्व अध्यक्ष सी.पी. तलेसरा, मानद कोषाध्यक्ष हसीना चक्कीवाला, अरविंद मेहता, पदम दुगड, वाई.के. बोलिया, संजय शर्मा, गिरीश मेहता, हितांशु कौशल, जकी चक्कीवाला, गौरांग सिंघल, अमित शाह सहित अनेक सदस्यों ने भाग लिया और प्रो. वल्लभ ने उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।





