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व्यवसाय में सफलता के साथ मानसिक संतुलन मतलब ‘पीसफुल प्रॉफिट’

👉 अध्यात्म का मूल "सम" मे निहित है: सुरिया   
👤 Mewar Express News
January 31, 2026

उदयपुर। आज के तेज़ और तनावपूर्ण व्यावसायिक माहौल में शांति, धर्म और अध्यात्म के साथ जीवन जीने के बारे में शोभागपुरा स्थित समग्रम पिरामिड में शनिवार को परिचर्चा हुई। जिसमें वडोदरा स्थित ‘हियर क्वालिटी एक्सीलेंस’ के एमडी M.L. Suriya एक नइ सोच के साथ रूबरू हुए। आयोजन में पिरामिड के संस्थापक एन.सी. जैन और 50 से ज्यादा जिज्ञासु उपस्थित हुए।

सुरिया ने जीवन और व्यापार का ‘4R’ मंत्र बताए, रुपीस (संपत्ति), रिस्पेक्ट (सम्मान), रिलेशन (संबंध) और रेस्ट (सामायिक समाधि अर्थात् शांति) जो अंततः सम से जुड़ जाता है। सुरिया ने कई जिज्ञासुओं के धर्म, अध्यात्म और जीवन के बारे में पूछे प्रश्नों के विस्तार से उत्तर दिए और कहा कि हम सभी को “सम” मे आना पड़ेगा, चलना पड़ेगा, रहना पड़ेगा। उन्होंने “सम” का विस्तार करते हुए कहा कि समत्व, समर्पण, समभाव, सम्यक और समझ इत्यादि शब्दों के बारे उदाहरण देते हुए शरीर और आत्मा का भेद गहराई से समझाया। आत्मा तथा कर्म का आपस में बंध और सम्बन्ध पर भी प्रकाश डाला। उनका स्पष्ट संदेश है “व्यक्ति को नहीं, प्रक्रिया को दोष दें।” यह सोच कंपनियों में सेल्स ग्रोथ और ह्यूमन रिसोर्स से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में मदद कर रही है और यह साबित करती है कि सही सोच हो तो जीवन और व्यापार दोनों आसान बन सकते हैं।

उल्लेखनीय हैं कि मिश्रीलाल सुरिया खुद को ‘पीसफुल प्रॉफिट मोंक’ कहते हैं। शांति, धर्म और अध्यात्म के साथ उनका उद्देश्य है व्यवसाय में सफलता के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना।

मैकेनिकल इंजीनियर और सर्टिफाइड ZED मास्टर ट्रेनर M.L. Suriya का कॉन्सेप्ट ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ पर आधारित है। यह सिर्फ फैक्ट्री में खराबी कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘जीरो माइंड’ यानी सामायिक या समाधि के जरिए उद्यमियों के तनाव को भी कम करता है। उनके ऑनलाइन प्रोग्राम और यूट्यूब वीडियो रोज़ हजारों लोगों को राह दिखा रहे हैं। वे पिछले 30 वर्षों में वे 300 से अधिक संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं, जिनमें राष्ट्रपति भवन, GE और टाटा समूह शामिल हैं।

एम. एल सुरिया एक लेखक एवं विचारक है जिन्हें भारत सरकार द्वारा उनका लीन मैनेजमेंट विषय पर पुस्तक लेखन हेतु चयन किया गया, जिसके अंतर्गत उन्होंने ऐसी पुस्तक लिखी जो बिना बिक्री बढ़ाए कंपनियों के लाभ को दोगुना करने पर केंद्रित है। साथ ही उन्होंने “सामायिक समाधान” नामक पुस्तक लिखी है, जो भारतीय दर्शन पर आधारित आत्मिक शांति का मार्ग प्रस्तुत करती है।

– सम्पत बापना ✍️

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