उदयपुर। पारस हेल्थ हॉस्पिटल में एक मरीज के जटिल हर्निया का दूरबीन पद्धति (लेप्रोस्कोपिक) से सफल इलाज किया है। मरीज के पेट में पुराने ऑपरेशनों की वजह से एक बड़ा और दर्दनाक हर्निया बन गया था, जिसे मेडिकल भाषा में ‘मल्टी-क्वाड्रेट इनसिजनल हर्निया’ कहा जाता है। मरीज को पेट में भारीपन, बेचैनी और उल्टी की शिकायत थी। चूंकि मरीज का वजन ज्यादा था और पहले भी उनकी दो अलग सर्जरी हो चुकी थीं, इसलिए यह केस काफी जोखिम भरा था। जांच में पेट में 12 सेमी बड़े हर्निया और मांसपेशियों में नुकसान का पता चला, जिसके लिए ओपन सर्जरी करना खतरनाक साबित हो सकता था।
इस जटिल समस्या के समाधान के लिए डॉ. अभिषेक व्यास (बैरिएट्रिक और एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक कंसल्टेंट) ने ओपन सर्जरी के बजाय ‘IPOM प्लस’ नामक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। इसमें पेट को पूरा खोलने की जगह केवल तीन छोटे छेद करके सर्जरी की गई। डॉ. व्यास ने बताया कि अधिक वजन और पुरानी सर्जरी वाले मरीजों के लिए यह तकनीक बहुत सुरक्षित है। इसमें पेट की दीवार के छेदों को अंदर से टांके लगाकर बंद किया गया और मजबूती के लिए एक खास दोहरी परत वाली जाली (मेश) लगाई गई। इस तकनीक का मकसद मरीज को कम दर्द देना और शरीर को नुकसान पहुंचाए बिना समस्या को जड़ से खत्म करना था।
यह सर्जरी लगभग 110 मिनट में पूरी हुई और मरीज को महज 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।





