डी एस पालीवाल
उदयपुर। मिड डे मील योजना के तहत काम करने वाले वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर उदयपुर में प्रदर्शन किया। इन वर्करों में से 98 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनमें से अधिकांश विधवा हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सरकार से केवल 71 रुपये प्रतिदिन प्राप्त करती हैं। जबकि सरकार एक कैदी पर 118 रुपये प्रतिदिन खर्च करती है।
कुक वर्करों का आरोप है कि उनका मानदेय 6 महीने बाद मिलता है और वे होली और दीवाली जैसे त्योहारों को भी काले मनाने को मजबूर हैं। कुक गंगाबाई ने बताया कि देशभर में चलने वाली योजना में कुकों को मिलने वाले वेतन में एकरूपता नहीं है।
वर्करों ने अतिरिक्त संभागीय आयुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे पोषाहार पकाना बंद कर देंगे।








