उदयपुर। पारस हेल्थ उदयपुर ने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट और पाचन) से जुड़ी बीमारियों के सटीक इलाज के लिए आधुनिक एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) तकनीक की शुरुआत की है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. वत्स गुप्ता के नेतृत्व में यह तकनीक उन बीमारियों का पता लगाने में मददगार है, जिन्हें सामान्य स्कैन से पहचानना मुश्किल होता है। यह एक कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है जिसमें अल्ट्रासाउंड और कैमरे से लैस पतली नली के जरिए अग्न्याशय, लीवर और पित्त नलिकाओं की स्पष्ट तस्वीरें ली जाती हैं। इससे डॉक्टर बीमारी के शुरुआती चरण में ही बेहतर इलाज के फैसले ले पाते हैं।
डॉ. वत्स गुप्ता के अनुसार, EUS तकनीक पैंक्रियाटिक कैंसर और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों को शुरुआती स्टेज में पकड़ने में सक्षम है, जिससे मरीज के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है। इस तकनीक की मदद से ‘फ़ाइन नीडल एस्पिरेशन’ (FNA) के जरिए ऊतकों (टिशू) के नमूने भी लिए जा सकते हैं, जिससे बड़ी सर्जरी की जरूरत कम हो जाती है। यह सुविधा न केवल बीमारी की जांच करती है, बल्कि पैंक्रियास की सिस्ट से पानी निकालने और पित्त नली की रुकावट दूर करने जैसे जटिल उपचारों में भी प्रभावी है। इस तकनीक से इलाज कराने पर मरीजों को कम दर्द होता है और वे जल्दी ठीक होकर घर लौट सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार पेट दर्द, पीलिया, निगलने में दिक्कत या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें तुरंत सलाह लेनी चाहिए।





