उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक ने भारत की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सेरेंटिका रिन्यूएबल्स के साथ पाॅवर डिलिवरी एमआयू पर हस्ताक्षर किए। नवीनतम पाॅपर डिलिवरी एमओयू से हिन्दुस्तान जिं़क की चैबीसों घंटे रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 450 मेगावाट से बढ़कर 530 मेगावाट हो गई है, जिससे इसकी कुल बिजली आवश्यकता में रिन्यूएबल एनर्जी का योगदान 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। यह अपनी तरह का पहला चैबीसों घंटे चलने वाला रिन्यूएबल एनर्जी पीडीए है जो हर 15 मिनट के समय ब्लाॅक में कम से कम 315 मेगावाट निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी देता है, जिससे विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है। परिणामी परियोजना देश भर में कई साइट पर नए सौलर, विण्ड और एनर्जी भंडारण का निर्माण करेगी और कई मौजूदा रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं को एकीकृत करेगी।
एक कैप्टिव संरचना के तहत विकसित, यह परियोजना सौर, पवन और भंडारण प्रौद्योगिकियों को मिलाएगी, जो देश भर में संसाधन-समृद्ध क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से स्थित है, और 2027 तक पूरी तरह से प्रारंभ होने की उम्मीद है। यह अभिनव हाइब्रिड समाधान उन्नत भंडारण प्रणालियों और बाजार तंत्र के माध्यम से निर्बाध, विश्वसनीय ऊर्जा प्रदान कर हिन्दुस्तान जिं़क की अन्य बिजली स्रोतों पर निर्भरता को समाप्त करता है।
इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, ‘यह ऐतिहासिक समझौता औद्योगिक बिजली खरीद में एक मौलिक बदलाव को दर्शाता है। मिश्रा ने कहा कि ‘हिंदुस्तान जिंक में सस्टेनेबिलिटी का मतलब है भविष्य के लिए अपने व्यवसाय को तैयार करना और नवाचार के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य को बढ़ावा देना।








