उदयपुर। पारस हेल्थ हॉस्पिटल में एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड (EBUS) मशीन लॉन्च की। इस नई तकनीक का उपयोग करते हुए, हॉस्पिटल ने सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित और एचआईवी पॉजिटिव 54 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया।
इस एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टूल की मदद से, पारस हेल्थ ने सटीक और नॉन-इनवेसिव डायग्नोसिस प्रदान किया, जिससे मरीज को सर्जरी की समस्या से निजात मिली। हाल ही में इस तकनीक को हॉस्पिटल में पेश किया गया, जहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टरों ने इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि एक मरीज पर EBUS मशीन का उपयोग करते हुए उसकी फेफड़ों की गांठों की गाइडेड बायोप्सी की। केवल तीन दिनों में परिणाम सामने आए, और पता चला कि गांठें कैंसर वाली नहीं थीं, जिससे मरीज और उसके परिवार को बहुत राहत मिली।
डॉ. स्वेताभ पुरोहित ने इस नई तकनीक के महत्व को बताते हुए कहा, “EBUS तकनीक ने फेफड़ों की बीमारियों के डायग्नोसिस और इलाज के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। इस तकनीक की सटीकता और गति ने हमें नॉन-कैंसर संबंधी डायग्नोसिस की पुष्टि करने में मदद की, और यह राजस्थान में एडवांस्ड, मरीज़-केंद्रित देखभाल लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
पारस हेल्थ, उदयपुर में EBUS तकनीक का लॉन्च फेफड़ों की बीमारियों के इलाज में एक बड़ा बदलाव है। यह तकनीक सुरक्षित, सटीक और नॉन-इनवेसिव तरीका प्रदान करती है, जिससे फेफड़ों के संक्रमण, आईएलडी, और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का सटीक इलाज संभव हो सकेग़ा।







