उदयपुर। देश के शहीदों, विशेषकर राजस्थान के शहीदों के बारे में युवाओं को जागरूक करने और उनके सपनों को आम किसानों तथा मज़दूरों के बीच पहुँचाने के लिए एक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय भगतसिंह, राजगुरू और सुखदेव के शहादत दिवस की शाम आयोजित सभा में लिया गया।
सभा के दौरान साझा शहादत दिवस समारोह समिति के संयोजक डी. एस. पालीवाल ने आज की राजनीतिक परिस्थिति पर प्रकाश डालते हुए आर्थिक संकट और साम्प्रदायिक राजनीति को जनविरोधी बताया। उन्होंने शहीदों के विचारों को फैलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। एडवोकेट मन्नाराम डांगी ने युद्धोन्माद पर चिंता जताते हुए मानवता के लिए इसके खतरों की ओर ध्यान दिलाया।
सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए रामचन्द्र सालवी ने अनुसूचित जाति और जनजाति पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। समीर बनर्जी ने भगतसिंह की विचारधारा को युवाओं के बीच फैलाने हेतु छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई। जनवादी मजदूर यूनियन के डालचंद मेघवाल ने कहा कि भगतसिंह के विचारों को मज़दूरों और किसानों तक पहुँचाना अनिवार्य है।
सभा के अंत में एडवोकेट रमेश नंदवाना ने चेतावनी दी कि यदि जागरूक लोग समय रहते आगे नहीं आए, तो समाज में अराजकता फैल जाएगी। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और समान शिक्षा जैसे मुद्दों पर आंदोलन चला कर भगतसिंह के सपनों को साकार करने का सुझाव दिया। सभा में नरेन्द्र बागडी, मदन सिंघाडिया, कामरेड महेश शर्मा, हिम्मत सेठ और रेखा मेघवाल ने भी विचार व्यक्त किये। सभा का समापन क्रांतिकारी नारों के साथ हुआ।







