उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में पहली बार कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु वसंत विजयानन्द गिरी महाराज के सान्निध्य में एक विशाल आध्यात्मिक महोत्सव मीरा नगर में 28 दिसंबर से 5 जनवरी तक “श्री महालक्ष्मी कोटि कुंकुमार्चन महायज्ञ” का आयोजन किया जाएगा।
जगद्गुरु वसंत विजयानन्द गिरीजी महाराज ने बताया कि इस नौ दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नव वर्ष में सुख, समृद्धि और जन-कल्याण की कामना करना है। महाराज के नाम 9 बार गिनीज बुक और 600 से अधिक विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं, जो उनके आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों की विशिष्टता को दर्शाते हैं।
इस महामहोत्सव के बारे में पीठ अध्यक्ष शंखेश भाई ने बताया कि काशी के 135 विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ एक करोड़ कुमकुम की आहुतियां दी जाएंगी। यज्ञ में हजारों किलो मेवे, शुद्ध घी और दुर्लभ औषधियों का उपयोग किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से साधना और दोपहर में महायज्ञ होगा, जबकि रात 8 बजे से महाराज द्वारा शिव महापुराण कथा सुनाई जाएगी। शाम के समय दलेर मेहंदी, लखबीर सिंह लक्खा और कीर्तिदान गढ़वी, शिव मणि जैसे मशहूर कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
आयोजन के लिए साढ़े चार लाख वर्गफीट क्षेत्र में एक भव्य धर्म नगरी बसाई गई है, जिसमें 20 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था है। यहाँ आने वाले सभी भक्तों के लिए भोजन प्रसादी और प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। परिसर में चार विशाल प्रवेश द्वार, सुंदर यज्ञशाला और एक लाख वर्गफीट में पार्किंग बनाई गई है। इस पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा होगी। साथ ही, यहाँ आने वाले लोग आकर्षक झांकियों की प्रदर्शनी का भी आनंद ले सकेंगे।








